राम दरस बस सब नर नारी । जनु करि करिनि चले तकि बारी ॥
बन सिय-राम समुझि मन माहीं । सानुज भरत पयादेहिं जाहीँ ॥
rāma darasa basa saba nara nārī | janu kari karini cale taki bārī ||
bana siya-rāma samujhi mana māhīṃ | sānuja bharata payādehiṃ jāhīm̐ ||
5 श्लोक · 188 में से 326
राम के दर्शन की लालसा में सब नर नारी ऐसे चले मानो हाथी हथिनियाँ जल की ओर तककर चले हों। सीता और राम को वन में समझकर भरत छोटे भाई के साथ पैदल चलते हैं। उनका स्नेह देखकर लोग भी अनुराग में भरकर घोड़े, हाथी और रथ छोड़कर उतर पड़ते हैं। राम की माता अपनी डोली पास रुकवाकर कोमल वाणी में कहती हैं, बेटा, रथ पर चढ़ो, नहीं तो प्रिय परिवार दुःखी होगा। वचन सिर पर रखकर और चरणों में सिर नवाकर दोनों भाई रथ पर चढ़ते हैं। पहले दिन तमसा पर और दूसरे दिन गोमती के तीर पर निवास होता है। राम के लिए लोग नियम व्रत करते हैं, कोई दूध पर, कोई फल पर, कोई रात में एक बार खाकर, आभूषण और भोग छोड़कर।
राम दरस बस सब नर नारी । जनु करि करिनि चले तकि बारी ॥
बन सिय-राम समुझि मन माहीं । सानुज भरत पयादेहिं जाहीँ ॥
rāma darasa basa saba nara nārī | janu kari karini cale taki bārī ||
bana siya-rāma samujhi mana māhīṃ | sānuja bharata payādehiṃ jāhīm̐ ||
देखि सनेह लोग अनुरागे । उतरि चले हय गय रथ, त्यागे ॥
जाइ समीप राखि निज डोली । राम मातु मृदु बानी बोली ॥
dekhi saneha loga anurāge | utari cale haya gaya ratha, tyāge ||
jāi samīpa rākhi nija ḍolī | rāma mātu mṛdu bānī bolī ||
तात चढ़हु रथ बलि महतारी । होइहि प्रिय परिवार दुखारी ॥
तुम्हरें चलत चलिहि सब लोगू । सकल सोक कृस नहिँ मग जो ॥
tāta car̤hahu ratha bali mahatārī | hoihi priya parivāra dukhārī ||
tumhareṃ calata calihi saba logū | sakala soka kṛsa nahim̐ maga jo ||
सिर धरि बचन चरन सिरु नाई । रथ चढ़ि चलत भये दोउ भाई ॥
तमसा प्रथम दिवस करि बासू । दूसर गोमति तीर निवासू ॥
sira dhari bacana carana siru nāī | ratha car̤hi calata bhaye dou bhāī ||
tamasā prathama divasa kari bāsū | dūsara gomati tīra nivāsū ||
पय अहार फल असन एक, निसि भोजन एक लोग ।
करत राम हित नेम-व्रत, परिहरि भूषन भोग ॥
paya ahāra phala asana eka, nisi bhojana eka loga |
karata rāma hita nema-vrata, parihari bhūṣana bhoga ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0