घर घर साजहिं बाहन नाना । हरष हृदयँ परभात पयाना ॥
भरत जाइ घर कीन्ह बिचारू । नगर बाजि गज भवन भंडारू ॥
ghara ghara sājahiṃ bāhana nānā | haraṣa hṛdayam̐ parabhāta payānā ||
bharata jāi ghara kīnha bicārū | nagara bāji gaja bhavana bhaṃḍārū ||
5 श्लोक · 186 में से 326
घर घर अनेक प्रकार के वाहन सजाए जाते हैं, प्रभात में चलने के हर्ष से हृदय भरे हैं। भरत घर जाकर विचार करते हैं, नगर, घोड़े, हाथी, महल और भंडार, यह सब सम्पत्ति रघुपति की है। यदि बिना प्रबन्ध किए इसे छोड़कर चलूँ, तो परिणाम में मेरी भलाई नहीं, स्वामी से द्रोह पापों का शिरोमणि है। यह विचारकर वे ऐसे पवित्र सेवकों को बुलाते हैं जो सपने में भी अपने धर्म से नहीं डिगे। सब भेद समझाकर और धर्म की बात कहकर, जो जिस योग्य था उसे वहाँ रखा। सब यत्न करके रखवाले नियुक्त कर भरत राम की माता के पास गए। सब माताओं को दुःखी जानकर स्नेह के जानकार भरत ने पालकियाँ और सुखासन यान सजाने को कहा।
घर घर साजहिं बाहन नाना । हरष हृदयँ परभात पयाना ॥
भरत जाइ घर कीन्ह बिचारू । नगर बाजि गज भवन भंडारू ॥
ghara ghara sājahiṃ bāhana nānā | haraṣa hṛdayam̐ parabhāta payānā ||
bharata jāi ghara kīnha bicārū | nagara bāji gaja bhavana bhaṃḍārū ||
सम्पति सब रघुपति के आही । जौं बिनु जतन चलौं-तजि ताही ॥
तौ परिनाम न मोरि भलाई । पाप सिरोमनि साइँ दोहाई ॥
sampati saba raghupati ke āhī | jauṃ binu jatana calauṃ-taji tāhī ||
tau parināma na mori bhalāī | pāpa siromani sāim̐ dohāī ||
करइ स्वामि हित सेवक सोई । दूषन कोटि देइ किन कोई ॥
अस बिचारि सुचि सेवक बोले । जे सपनेहुँ निज धरम न डोले ॥
karai svāmi hita sevaka soī | dūṣana koṭi dei kina koī ||
asa bicāri suci sevaka bole | je sapanehum̐ nija dharama na ḍole ||
कहि सब मरम धरम भल भाषा । जो जेहि लायक सो तेहिं राखा ॥
करि सब जतन राखि रखवारे । राम-मातु पहिँ भरतु सिधारे ॥
kahi saba marama dharama bhala bhāṣā | jo jehi lāyaka so tehiṃ rākhā ||
kari saba jatana rākhi rakhavāre | rāma-mātu pahim̐ bharatu sidhāre ||
आरत जननी जानि सब, भरत सनेह सुजान ।
कहेउ बनावन पालकीं, सजन सुखासन जान ॥
ārata jananī jāni saba, bharata saneha sujāna |
kaheu banāvana pālakīṃ, sajana sukhāsana jāna ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0