अंग्रेज़ी कॉलेज छोड़ने वाले छात्रों के लिए अहमदाबाद में राष्ट्रीय विश्वविद्यालय खुला, जहाँ गुजराती में पढ़ाई होती थी और कताई पाठ्यक्रम का अंग थी।