त्रावणकोर की सेना ने कुलच्चल में डच ईस्ट इंडिया कम्पनी को हराकर उसके सेनापति यूस्टेकियस डी लैनॉय को पकड़ा, जो फिर दशकों त्रावणकोर की सेवा में रहा। किसी भारतीय राज्य के हाथों यह किसी यूरोपीय शक्ति की पहली हार थी।