मुक़दमे के लिए लंदन से बम्बई भेजे जा रहे सावरकर मार्सेई में एसएस मोरिया के रोशनदान से निकलकर तैरते हुए तट पर पहुँचे, पर घाट पर पकड़ लिए गए। उन्हें अंडमान में दो आजीवन कारावास मिले।