अलीपुर बम मुक़दमे से बरी होकर अरविन्द ब्रिटिश भारत छोड़ फ़्रांसीसी पांडिचेरी पहुँचे और राजनीति से योग की ओर मुड़े। वे वहाँ चालीस वर्ष रहे।