स्याम सरीर सुभायँ सुहावन । सोभा कोटि मनोज लजावन ॥
जावक-जुत पद-कमल सुहाये । मुनि-मन-मधुप रहत जिन्ह छाये ॥
syāma sarīra subhāyam̐ suhāvana | sobhā koṭi manoja lajāvana ||
jāvaka-juta pada-kamala suhāye | muni-mana-madhupa rahata jinha chāye ||
10 श्लोक · 327 में से 361
तुलसीदास दूल्हा श्रीराम का रूप खींचते हैं: करोड़ों कामदेवों को लजाने वाला श्याम शरीर, महावर से रँगे चरणकमल जिन पर मुनियों के मन भौंरों की भाँति छाए रहते हैं, बाल सूर्य से उजली पीली धोती, जनेऊ, चित्त चुराने वाली अँगूठी, मोती लगा उपरना, कुंडल, तिलक और मोतियों से गुँथा मौर। नगर की स्त्रियाँ और देवांगनाएँ आरती उतारकर न्योछावर करती हैं। कोहबर में सुहागिनें मंगलगीत गाते हुए लोकरीतियाँ करती हैं। लहकौरि की रीत गौरी श्रीराम को और सरस्वती सीता को सिखाती हैं। अपने हाथ की मणि में प्रभु की मूर्ति देखकर सीता बिछोह के डर से हाथ नहीं हिलातीं। फिर सखियाँ जोड़ियों को जनवासे ले चलती हैं, देवता नगाड़े बजाकर आशीष देते हैं, और कुमार बहुओं सहित पिता के पास आते हैं।
स्याम सरीर सुभायँ सुहावन । सोभा कोटि मनोज लजावन ॥
जावक-जुत पद-कमल सुहाये । मुनि-मन-मधुप रहत जिन्ह छाये ॥
syāma sarīra subhāyam̐ suhāvana | sobhā koṭi manoja lajāvana ||
jāvaka-juta pada-kamala suhāye | muni-mana-madhupa rahata jinha chāye ||
पीत पुनीत मनोहर धोती । हरति बाल-रबि दामिनि-जोती ॥
कल किङ्किनि कटि सूत्र मनोहर । बाहु बिसाल बिभूषन सुन्दर ॥
pīta punīta manohara dhotī | harati bāla-rabi dāmini-jotī ||
kala kiṅkini kaṭi sūtra manohara | bāhu bisāla bibhūṣana sundara ||
पीत जनेउ महाछबि देई । कर-मुद्रिका चोरि चित लेई ॥
सोहत ब्याह साज सब साजे । उर आयत उरु भूषन राजे ॥
pīta janeu mahāchabi deī | kara-mudrikā cori cita leī ||
sohata byāha sāja saba sāje | ura āyata uru bhūṣana rāje ||
पिअर उपरना काखासोती । दुहुँ आँचरन्हि लगे मनि मोती ॥
नयन-कमल कल कुंडल काना । बदन सकल-सौन्दर्ज-निधाना ॥
piara uparanā kākhāsotī | duhum̐ ām̐caranhi lage mani motī ||
nayana-kamala kala kuṃḍala kānā | badana sakala-saundarja-nidhānā ||
सुन्दर भृकुटि मनोहर नासा । भाल तिलक रुचिरता निवासा ॥
सोहत मौर मनोहर माथे । मङ्गलमय मुकुता-मनि गाथे ॥
sundara bhṛkuṭi manohara nāsā | bhāla tilaka ruciratā nivāsā ||
sohata maura manohara māthe | maṅgalamaya mukutā-mani gāthe ||
गाथे महामनि मौर मञ्जुल, अङ्ग सब चित चोरहीं ।
पुर-नारि सुर-सुंदरीं बरहि बिलोकि सब उन तोरहीं ॥
मनि-बसन-भूषन वारि आरति, करहिं मङ्गल गावहीं ।
सुर सुमन बरिसहिँ सूत मागध,-बन्दि सुजस सुनावहीं ॥
gāthe mahāmani maura mañjula, aṅga saba cita corahīṃ |
pura-nāri sura-suṃdarīṃ barahi biloki saba una torahīṃ ||
mani-basana-bhūṣana vāri ārati, karahiṃ maṅgala gāvahīṃ |
sura sumana barisahim̐ sūta māgadha,-bandi sujasa sunāvahīṃ ||
कोहबरहिं आने कुँअर कुँअरि, सुआसिनिन्ह सुख पाइ के ।
अति प्रीति लौकिक रीति लागीँ, करन मङ्गल गाइ कै ॥
लहकौरि गौरि सिखाव रामहि, सीय सन सारद कहैं ।
रनिवास-हास बिलास रस-बस, जनम को फल सब लहैं ॥
kohabarahiṃ āne kum̐ara kum̐ari, suāsininha sukha pāi ke |
ati prīti laukika rīti lāgīm̐, karana maṅgala gāi kai ||
lahakauri gauri sikhāva rāmahi, sīya sana sārada kahaiṃ |
ranivāsa-hāsa bilāsa rasa-basa, janama ko phala saba lahaiṃ ||
निज-पानि-मनि महुँ देखिअति मूरति सुरूपनिधान की ।
चालति न भुजबल्ली बिलोकनि, बिरह भय-बस जानकी ॥
कौतुक बिनोद प्रमोद प्रेम न, जाइ कहि जानहिँ अलीं ।
बर कुँअरि सुन्दर सकल सखीं, लवाइ जनवासेहि चलीँ ॥
nija-pāni-mani mahum̐ dekhiati mūrati surūpanidhāna kī |
cālati na bhujaballī bilokani, biraha bhaya-basa jānakī ||
kautuka binoda pramoda prema na, jāi kahi jānahim̐ alīṃ |
bara kum̐ari sundara sakala sakhīṃ, lavāi janavāsehi calīm̐ ||
तेहि समय सुनिय असीस जहँ तहँ, नगर नभ आनँद महा ।
चिरु जिअहुँ जोरीं चारु चारयो, मुदित मन सब ही कहा ॥
जोगीन्द्र-सिद्ध-मुनीस-देव बिलोकि प्रभु दुन्दुभि हनी ।
चले हरषि बरषि प्रसून निज निज,-लोक जय जय जय भनी ॥
tehi samaya suniya asīsa jaham̐ taham̐, nagara nabha ānam̐da mahā |
ciru jiahum̐ jorīṃ cāru cārayo, mudita mana saba hī kahā ||
jogīndra-siddha-munīsa-deva biloki prabhu dundubhi hanī |
cale haraṣi baraṣi prasūna nija nija,-loka jaya jaya jaya bhanī ||
सहित बधूटिन्ह कुअँर सब, तब आये पितु पास ।
सोभा मङ्गल मोद भरि, उमगेउ जनु जनवास ॥
sahita badhūṭinha kuam̐ra saba, taba āye pitu pāsa |
sobhā maṅgala moda bhari, umageu janu janavāsa ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0