कामद से गिरि राम प्रसादा । अवलोकत अपहरत बिषादा ॥
सर सरिता बन भूमि विभागा । जनु उमगत आनंद अनुरागा ॥
kāmada se giri rāma prasādā | avalokata apaharata biṣādā ||
sara saritā bana bhūmi vibhāgā | janu umagata ānaṃda anurāgā ||
5 श्लोक · 279 में से 326
राम की कृपा से पर्वत कामदगिरि जैसे मनचाहा देने वाले हो गए हैं, जिन्हें देखते ही विषाद मिट जाता है। सरोवर, नदियाँ, वन और भूमि के भाग मानो आनन्द और प्रेम से उमड़ रहे हैं। लताएँ और वृक्ष फल फूल से लदे हैं; पक्षी, मृग और भौंरे मधुर बोलते हैं, और शीतल, मन्द, सुगन्धित पवन सबको सुख देता है। वन की मनोहरता कही नहीं जाती, मानो धरती स्वयं जनक की पहुनाई कर रही हो। राम, जनक और मुनि की आज्ञा पाकर सब नहाते हैं और मनभाए वृक्षों के नीचे जहाँ तहाँ ठहर जाते हैं। राम के गुरु सबके लिये अमृत समान पवित्र दल, फल, मूल और कन्द के भार भिजवाते हैं, और पितर, देवता, अतिथि और गुरु को पूजकर सब फलाहार करने लगते हैं।
कामद से गिरि राम प्रसादा । अवलोकत अपहरत बिषादा ॥
सर सरिता बन भूमि विभागा । जनु उमगत आनंद अनुरागा ॥
kāmada se giri rāma prasādā | avalokata apaharata biṣādā ||
sara saritā bana bhūmi vibhāgā | janu umagata ānaṃda anurāgā ||
बेलि बिटप सब सफल सफूला । बोलत खग मृग अलि अनुकूला ॥
तेहि अवसर बन अधिक उछाहू । त्रिबिधि समीर सुखद सब काहू ॥
beli biṭapa saba saphala saphūlā | bolata khaga mṛga ali anukūlā ||
tehi avasara bana adhika uchāhū | tribidhi samīra sukhada saba kāhū ||
जाइ न बरनि मनोहरताई । जनु महि करति जनक पहुनाई ॥
तब सब लोग नहाइ नहाई । राम-जनक-मुनि आयसु पाई ॥
jāi na barani manoharatāī | janu mahi karati janaka pahunāī ||
taba saba loga nahāi nahāī | rāma-janaka-muni āyasu pāī ||
देखि देखि तरुबर अनुरागे । जहँ तहँ पुरजन उतरन लागे ॥
दल फल मूल कन्द बिधि नाना । पावन सुन्दर सुधा समाना ॥
dekhi dekhi tarubara anurāge | jaham̐ taham̐ purajana utarana lāge ||
dala phala mūla kanda bidhi nānā | pāvana sundara sudhā samānā ||
सादर सब कहँ राम-गुरु, पठये भरि भरि भार ।
पूजि पितर सुर अतिथि गुरु, लगे करन फरहार ॥
sādara saba kaham̐ rāma-guru, paṭhaye bhari bhari bhāra |
pūji pitara sura atithi guru, lage karana pharahāra ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0