प्रफुल्ल चाकी के साथ मजिस्ट्रेट किंग्सफ़ोर्ड की समझी गई बग्घी पर बम फेंकने वाले अठारह वर्षीय खुदीराम बोस मुस्कुराते हुए फाँसी चढ़े। बंगाल वर्षों उनके गीत गाता रहा।