हिन्दू इतिहास में 3 अगस्त
3 अगस्त 1886
चिरगाँव में मैथिलीशरण गुप्त का जन्म
राष्ट्रकवि का जन्म झाँसी के पास हुआ। उनकी ‘भारत-भारती’ ने हिन्दी पाठकों को भारत के अतीत से जगाया और ‘साकेत’ ने उर्मिला की दृष्टि से रामकथा कही।
राष्ट्रकवि का जन्म झाँसी के पास हुआ। उनकी ‘भारत-भारती’ ने हिन्दी पाठकों को भारत के अतीत से जगाया और ‘साकेत’ ने उर्मिला की दृष्टि से रामकथा कही।