हिन्दू इतिहास में 20 अप्रैल
20 अप्रैल 1947
इतिहासकार गौरीशंकर हीराचन्द ओझा का देहावसान
राजपूताने के इतिहासकार का सिरोही के रोहिड़ा में देहान्त हुआ। उनकी ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ ने हिन्दी पाठकों को पहली बार ब्राह्मी और पुरानी लिपियाँ पढ़ना सिखाया।
राजपूताने के इतिहासकार का सिरोही के रोहिड़ा में देहान्त हुआ। उनकी ‘भारतीय प्राचीन लिपिमाला’ ने हिन्दी पाठकों को पहली बार ब्राह्मी और पुरानी लिपियाँ पढ़ना सिखाया।